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हिमाचल प्रदेश की प्रमुख जल विधुत परियोजनाएं (बांध)

हिमाचल प्रदेश की प्रमुख जल विधुत परियोजनाएं (बांध) – Major Hydro Electric Projects (Dam) of Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश की प्रमुख जल विधुत परियोजनाएं

हिमाचल प्रदेश विधुत उत्पादन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है यहाँ कई नदियां हैं जी पर कई छोटी – बड़ी जल विधुत परियोजनाओं का निर्माण हुआ है इस पोस्ट में हम हिमाचल प्रदेश की प्रमुख जल विधुत परियोजनाएं (बांध) – Major Hydro Electric Projects (Dam) of Himachal Pradesh के बारे में जानेंगे।

हिमाचल प्रदेश की प्रमुख जल विधुत परियोजनाएं (बांध) – Major Hydro Electric Projects (Dam) of Himachal Pradesh

भाखड़ा नागल जल विधुत परियोजना

  • यह जल विधुत परियोजना सतलुज नदी पर बिलासपुर जिले में स्थित है।
  • भाखड़ा नागल बांध द्वारा निर्मित जलाशय का नाम गोविन्द सागर झील है।
  • इस जल विद्धुत परियोजना की क्षमता 1200 मेगावाट की है
  • इस बांध की लंबाई 518 मीटर व ऊंचाई 226 मीटर है।

बस्सी जल विधुत परियोजना

  • यह जल विधुत परियोजना जोगिंदरनगर में स्थित है ।
  • इसकी क्षमता 66 मेगावाट की है।

पोंग जल विधुत परियोजना

  • यह जल विधुत परियोजना व्यास नदी पर कांगड़ा जिले में स्थित है।
  • इसे वर्ष 1975 में बनाया गया था।
  • इस जल विधुत परियोजना की क्षमता 165 मेगावाट की है।
  • इस बांध की ऊंचाई 12 मीटर व लंबाई 116 मीटर है।

आंध्रा जल विधुत परियोजना

  • यह जल विधुत परियोजना शिमला जिले के आंध्रा नामक स्थान में स्थित है।
  • इसकी उत्पादन क्षमता 16.5 मेगावाट है।

चमेरा जल विधुत परियोजना

यह जल विधुत परियोजना प्रदेश के चम्बा जिले में रावी नदी पर स्थित है। इसकी विद्धुत उत्पादन क्षमता 300 मेगावाट है।

पार्वती जल विधुत परियोजना

यह जल विधुत परियोजना प्रदेश के कुल्लू जिले में व्यास नदी पर स्थित है। जिसकी विद्धुत उत्पादन क्षमता 2051 मेगावाट है।

कोल बांध जल विधुत परियोजना

यह जल विधुत परियोजना बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित है, इसकी क्षमता 800 मेगावाट है।

बसपा जल विधुत परियोजना

बसपा जल विधुत परियोजना सतलुज की सहायक नदी बसपा पर बनी है , यह परियोजना दो भागों में बनी है।

नाथपा- झाकड़ी जल विधुत परियोजना

यह प्रदेश की सबसे बड़ी जल विधुत परियोजना है जो किन्नौर जिले में सतलुज नदी पर स्थित है। इसकी शुरुआत 1993 में हुई , इसकी विद्धुत उत्पादन क्षमता 1500 मेगावाट है।

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