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रामचरित मानस / रामायण के सात काण्ड

रामचरित मानस / रामायण के सात काण्ड – 7 Kands of Ramayan

ramayan ke kand

रामायण वाल्मीकि द्वारा संस्कृत भाषा में लिखा गया एक ऐतिहासिक ग्रंथ है और तुलसी रामायण या रामचरित मानस अवधी भाषा में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा 16 वीं सदी में रचित एक इतिहास की घटना है इन दोनों मे ही भगवान श्री राम के जीवन और कार्यों के बारे में वर्णन है इसमें गोस्वामी तुलसीदास द्वारा दोहों, चौपाइयों, सोरठों तथा छंद के प्रयोग से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का उल्लेख किया है। सम्पूर्ण रामचरित मानस और वाल्मीकि रामायण दोनों ही 7 भागों में विभक्त है जिन्हे काण्ड कहा जाता है क्या आप जानते है रामचरित मानस / रामायण के सात काण्ड (ramayan ke kand ). इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे रामायण के 7 काण्ड कौन से हैं और किस काण्ड में किस घटना का उल्लेख है।

रामचरित मानस / रामायण के सात काण्ड – 7 Kands of Ramayan

रामायण के सात काण्ड निम्नलिखितत हैं । 

  1. बाल काण्ड 
  2. अयोध्या काण्ड
  3. अरण्य काण्ड
  4. किष्किन्धा काण्ड
  5. सुन्दर काण्ड
  6. युद्ध काण्ड (लंका काण्ड)
  7. उत्तर काण्ड

बाल काण्ड

बाल काण्ड रामायण का पहला काण्ड है इसमें अयोध्या के राज्य दसरथ के घर राम, लक्ष्मण, भारत और शत्रुघन के जन्म का वर्णन है और उनके बचपन की लीलाओं, कई राक्षकों का वध से जनकपुरी में धनुष-भंग एवं राम-जानकी विवाह तक की घटनाओं का वर्णन है

अयोध्या काण्ड 

रामायण के अयोध्या काण्ड में मंथरा द्वारा उकसाने पर केकयी द्वारा राजा दशरथ से राम को वनवास की मांग, राम, लक्ष्मण और सीता का वन गमन ,दशरथ की मृत्यु , भरत राम मिलन, और भरत द्वारा राम की चरण-पादुका को सिंहासन पर रखकर राज्य चलाने तक की घटनाओं का वर्णन है। 

अरण्य काण्ड

अरण्य काण्ड में दंडक-वन में शूपर्णखा का प्रणय-निवेदन और लक्ष्मण द्वारा उसके नाक और कान काटना, खर-धूसण वध, रावण द्वारा मारीच की सहायता से सीता हरण, जटायु द्वारा रावण का प्रतिरोध आदि घटनाओं का वर्णन है। 

किष्किन्धा काण्ड

इस काण्ड में सीट की खोज, किष्किंधा-नगरी में श्री राम और हनुमान मिलन, बाली वध सुग्रीव राज्याभिषेक आदि घटनाओं का वर्णन है।

सुंदर काण्ड 

इस काण्ड में हनुमान जी द्वारा सीता की खोज में किए गए कार्यों का वर्णन है इसमें हनुमान द्वारा समुद्र पारकर लंका जानना , सीता को राम का संदेश देना, लंका दहन आदि घटनाओं का वर्णन है।

युद्ध काण्ड (लंका काण्ड)

इस काण्ड में समस्त असुरों सहित रावण का वध, राम द्वारा सीता की रावण की कैद से मुक्ति, राम का अयोध्या आगमन और अयोध्या वासियों द्वारा श्री राम के स्वागत का वर्णन है

उत्तर काण्ड 

उत्तर काण्ड में राम का राज्याभिषेक, सीता का त्याग, लव कुश का जन्म, सीता द्वारा अग्नि परीक्षा , सीता का भूमि में समा जाना , राम द्वारा सरयू में जल-समाधि आदि घटनाओं का वर्णन है। यह रामायण का अंतिम भाग/काण्ड है

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