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उत्तराखंड पीसीएस (PCS) मुख्य परीक्षा पैटर्न तथा पाठ्यक्रम

उत्तराखंड पीसीएस (PCS) मुख्य परीक्षा पैटर्न तथा पाठ्यक्रम
(Uttarakhand PCS Main Examination Pattern and Syllabus)

UKPSC Pre Syllabus

उत्तराखंड पीसीएस (PCS) प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम के लिए यहाँ क्लिक करें|

Best Books for Uttarakhand PCS (UKPSC) Pre and Mains

Uttarakhand PCS Main Examination Pattern and Syllabus

उत्तराखंड में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा उत्तराखंड पीसीएस (PCS) की परीक्षा आयोजित की जाती है , यह परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है प्रारंभिक परीक्षा , मुख्या परीक्षा तथा साक्षात्कार |

इस लेख में मुख्य परीक्षा के पैटर्न तथा पाठ्यक्रम (syllabus) के बारे में बताया गया है मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन व सामान्य बुद्धिमत्ता के 7 पेपर होते है  

मुख्य परीक्षा से सम्बंधित विषय तथा अधिकतम अंक
( सभी प्रश्नपत्रो की समयावधी 3 घन्टे है ) 

  1.  प्रथम प्रश्नपत्र  ( भाषा) –  300 अंक ( न्यूनतम 35 % अंक अनिवार्य)
  2. द्वितीय प्रश्नपत्र (भारत का इतिहास , राष्ट्रीय आन्दोलन, समाज एवं संस्कृति) – 200 अंक 
  3. तृतीय प्रश्नपत्र (भारतीय राजव्यस्था, सामाजिक न्याय एवं अन्तराष्ट्रीय सम्बन्ध) – 200 अंक 
  4. चतुर्थ प्रश्नपत्र (भारत एवं विश्व का भूगोल) – 200 अंक 
  5. पंचम प्रश्नपत्र (आर्थिक एवं सामाजिक विकास) – 200 अंक 
  6. षष्ठम प्रश्नपत्र (सामान्य विज्ञान एवं प्रौधोगिकी ) – 200 अंक 
  7. सप्तम प्रश्नपत्र (सामान्य अभिरुचि एवं आचार शास्त्र ) – 200 अंक 
  8. साक्षात्कार –  200 अंक 

कुल अंक – 1700

 

सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 

प्रथम प्रश्न पत्र (भाषा)  

समयावधि – 03 घन्टे 
पूर्णांक – 300

सामान्य हिंदी , सामान्य अंग्रेजी एवं निबंध लेखन

सामान्य हिंदी – 150 अंक 

राजभाषा परिनियमावली (संक्षिप्त परिचय)    –   10 अंक

शब्द रचना – 25 अंक

  1. उपसर्ग एवं प्रत्यय
  2. संधि एवं समास
  3. वचन एवं लिंग
  4. व्याकरणिक कोटियाँ – संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण , क्रिया-विशेषण, अव्यय, (परिभाषा एवं भेद)
  5. वाच्य परिवर्तन (कृत वाच्य/कर्म वाच्य/भाव वाच्य)

शब्दविवेक –  25 अंक

  1. शब्द भेद –  तत्सम , तदभव , देशज, विदेशी, संकर, रूढ़ , यौगिक , पर्यायवाची , विलोम, अनेकार्थी
  2. शब्द शुद्धी –

वाक्य रचना –    10 अंक

  1. रचना के आधार पर वाक्य परिवर्तन  ( सरल, मिश्र, संयुक्त)
  2. व्याकरण के आधार पर वाक्य परिवर्तन (प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक , सकारात्मक, नकारात्मक)
  3. विराम चिन्ह
  4. वाक्य शुद्धी
  5. स्लोगन लेखन

भाषा का मानकीकरण – 10 अंक

  1. वर्तनी का मानकीकरण
  2. व्याकरण का मानकीकरण
  3. लिपि का मानकीकरण
  4. उच्चारण का मानकीकरण

लोकोक्ति एवं मुहावरे – 10 अंक

अपठित गधांश (हिंदी)  – 15 अंक

कार्यालयी पत्रो के प्रारूप – 20 अंक

 

General English – 20 marks 

  1. Comprehension – 10 marks
  2. Translate from Hindi to English/ English to Hindi – 05 marks
  3. Common errors in English  – 05 marks

निबंध लेखन –  130 अंक

 

 

सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 

द्वितीय प्रश्न पत्र 

भारत का इतिहास , राष्ट्रीय आन्दोलन , समाज एवं संस्कृति   

समयावधि – 03 घन्टे 
पूर्णांक – 200

प्रागैतिहासिक काल – जातियां एवं संस्कृति 

आधएतिहासिक काल  – पूरा पाषण काल , मध्य पाषाण काल

कांस्य युगीन सभ्यता –  सिन्धु घाटी सभ्यता

वैदिक युग –  ऋग्वैदिक काल , उत्तर वैदिक काल

महाजनपदो एवं मगध का उत्कर्ष

मौर्य साम्राज्य — चन्द्रगुप्त मौर्य, अशोक और उसका धम्म; मौर्यकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था, समाज एवं कला; कुषाण और संबंधित अन्य पहलू।

गुप्त साम्राज्य – स्थापना, सुदृढीकरण एवं पतन; चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय, स्कन्दगुप्त; गुप्तकालीन प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, साहित्य एवं कला और संबंधित अन्य पहलू।

उत्तर-गुप्त काल – हर्षवर्द्धन, पाल, प्रतिहार, राष्ट्रकूट, चोल, पल्लव, चन्देल, परमार, चौहान; 650 ई0 से 1200 ई0 के मध्य सामाजिक, आर्थिक, एवं सांस्कृतिक विकास और संबंधित अन्य पहलू।

भारत में इस्लाम का आगमन – इल्तुतमिश, बलबन, अलाउद्दीन खिलजी, मुहम्मद-बिन-तुगलक, फिरोज तुगलक, सिकन्दर लोदी और इब्राहीम लोदी; दिल्ली सल्तनतकालीन प्रशासन, दिल्ली सल्तनत के पतन को कारण; समाज और अर्थव्यवस्था, इंडो-इस्लामिक वास्तुकला, विजयनगर साम्राज्य, सूफीमत और भक्ति आंदोलन और संबंधित अन्य पहलू।

मुगल साम्राज्य – बाबर, शेरशाह सूरी, अकबर शाहजहाँ औरंगजेब और मुगल साम्राज्य का पतन, मुगल प्रशासन,
जागीरदारी एवं मनसबदारी व्यवस्थाएं मुगलकालीन समाज और अर्थव्यवस्था; साहित्य कला एवं स्थापत्य; मराठा, सिख एवं जाट और संबंधित अन्य पहलू।

यूरोपियों का आगमन – पुर्तगाली, डच और फ्राँसीसी, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी और ब्रिटिश शासन (1758-1857) और संबंधित अन्य पहलू।

ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव और संबंधित अन्य पहलू।

उन्नीसवीं सदी के सामाजिक, धार्मिक सुधार आन्दोलन और संबंधित अन्य पहलू। भारत के वाइसराय(1858-1947)

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857), उन्नीसवीं और बीसवीं सदी के गैर-आदिवासी, आदिवासी जातीय एवं किसान आंदोलन, 1857 के बाद का ब्रिटिश शासन, भारत सरकार अधिनियम (1858) और संबंधित अन्य पहलू

1858 के बाद की प्रशासनिक, सामाजिक एवं न्यायिक प्रणाली- प्रशासनिक, शिक्षा एवं न्यायिक सुधार और संबंधित अन्य पहलू।

भारत में राष्ट्रवाद का विकास; राष्ट्रीय आंदोलन का उदय

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस – उदगम, उदारवादी एवं अतिवादी दल

बंगाल का विभाजन, स्वदेशी आंदोलन, मुस्लिम लीग की स्थापना, सूरत अधिवेशन एवं कांग्रेस का विभाजन (1907), मार्ले-मिण्टो सुधार (1909)

प्रथम विश्व युद्ध और राष्ट्रीय आन्दोलन – होमरूल आंदोलन, लखनऊ समझौता (1916), 1917 की अगस्त घोषणा क्रांतिकारी आन्दोलन, गांधी युग, भारत एवं विदेश में क्रांतिकारी आंदोलन, भारत सरकार अधिनियम (1919), रौलेट अधिनियम (1919), जलियावाला बाग नरसंहार ( 13 अप्रैल, 1919), खिलाफत आंदोलन, असहयोग आंदोलन, चौरीचौरा की घटना, स्वराज पार्टी, साइमन कमीशन, नेहरू रिपोर्ट, जिन्ना के 14 सूत्र, कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, प्रथम गोलमेज सम्मेलन, गांधी इरविन समझौता, द्वितीय एवं तृतीय गोलमेज सम्मेलन, कम्यूनल अवार्ड एवं पूना समझौता।

भारत सरकार अधिनियम (1935) – पाकिस्तान की मांग, क्रिप्स मिशन, भारत छोड़ो आंदोलन, कैबिनेट मिशन योजना, आजाद हिन्द फौज, अन्तरिम सरकार, माउण्टबेटन योजना, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (1947), भारत का विभाजन, आजादी के बाद का भारत, नवीन क्रियाकलाप एवं सम्बन्धित संगठन और संबंधित अन्य पहलू।

उत्तराखण्ड का इतिहास एवं संस्कृति
प्रागैतिहासिक काल
आद्य ऐतिहासिक काल
उत्तराखण्ड की प्राचीन जनजातियां
कुणिन्द एवं यौधेय
कार्तिकेयुपर राजवंश
कत्यूरी राजवंश
गढ़वाल का परमार राजवंश, कुमाऊँ का चंद राजवंश,
गोरखा आक्रमण एवं शासन
ब्रिटिश शासन
टिहरी रियासत
उत्तराखण्ड में स्वतंत्रता संघर्ष-1857 एवं उत्तराखण्ड, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में उत्तराखण्ड का योगदान
उत्तराखण्ड के जनआंदोलन

 

सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 

तृतीय प्रश्न पत्र 

 भारतीय राजव्यवस्था , सामाजिक न्याय एवं अन्तराष्ट्रीय संबंध 

समयावधि – 03 घन्टे 
पूर्णांक – 200

 

भारत का संविधान –
1. भारत में संविधानात्मक विकास।
2. संवैधानिक असेम्बली।
3. उद्देशिका।
4. भारतीय संविधान की मूल विशेषताएं (इसके विभिन्न भाग, महत्वपूर्ण अनुच्छेद और सिद्धांत सहित)
5. मौलिक अधिकार और कर्तव्य।
6. राज्य नीति की निदेशात्मक सिद्धांत।
7. संवैधानिक संशोधन प्रणाली और महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन।
8. भारत में शासन की संघीय और संसदीय प्रणाली।
9. संसदीय समितियां (लोक लेखा समिति, आकलन समिति और संयुक्त संसदीय समिति)।
10. संवैधानिक निकाय : चुनाव आयोग और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक।
11. न्यायपालिका : उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय।
12. सम्बन्धित अन्य पहलू।

भारतीय राजनीति –
1. संघीय कार्यपालिका : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्री परिषद, मंत्रिमण्डल सचिवालय, केन्द्रीय सचिवालय, और प्रधानमंत्री कार्यालय।
2. राज्य कार्यपालिका : राज्यपाल, मुख्य मंत्री और मंत्री परिषद, राज्य सचिवालय और मुख्य सचिव।
3. भारत में संसद और राज्य विधान सभाएं।
4. चुनाव तंत्र और प्रक्रिया।
5. राजनीतिक दल और दबाव समूह।
6. राजनीतिज्ञों और सरकारी सेवकों के संबंध।
7. भारत में राजनीतिक संस्कृति का विकास।
8. राजनीतिक सामाजीकरण की एजेंसियां।
9. भारत में प्रशासनिक प्रणाली का मूल्यांकन और विकास।
10. भारत में राज्यों का पुनर्गठन।
11. संघ राज्य क्षेत्रों और अन्य विनिर्दिष्ट राज्यों और क्षेत्रों का प्रशासन।
12. प्रशासनिक सुधार (विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों और आयोगों सहित)।
13. जिला प्रशासन।
14. सम्बन्धित अन्य पहलू।

पंचायती राज –
1. स्थानीय शासन : 73वां और 74वां संविधान संशोधन अधिनियम।
2. राज्य वित्त आयोग : कार्य और भूमिका।
3. स्थानीय निकायों को अधिकार देना।
4. भारत में स्थानीय निकायों का स्वरूप : नगर निगम, नगर परिषद्, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत, पंचायत समितियां और जिला परिषद ।
5. सम्बन्धित अन्य पहलू।

लोक नीति –
1. सुशासन : सीटिजन चार्टर और ई-गवर्नेंस।
2. भ्रष्टाचार का निवारण और लोकपाल तथा लोकायुक्त।
3. सूचना का अधिकार।
4. शिक्षा का अधिकार।
5. सेवा का अधिकार।
6. सम्बन्धित अन्य पहलू।

अधिकारों से संबंधित मुददे –

1. मौलिक अधिकार।
2. नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955।
3. भारत में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दे, महिला और बाल तथा बुजुर्गों के संरक्षण से संबंधित विभिन्न अधिकार।
4. सम्बन्धित अन्य पहलू।

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उत्तराखण्ड की राज व्यवस्था –

शासन प्रणाली, राज्यपाल, विधायिका, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, केन्द्र राज्य संबंध, लोक सेवाएं, लोक सेवा आयोग, लेखा-परीक्षण, महान्यायवादी, उच्च न्यायालय एवं उसका अधिकार क्षेत्र, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित प्राविधान, राज भाषा, विशेष राज्य के चयन के मापदण्ड़, संचित निधि एवं आकस्मिक निधि, राजनैतिक दल एवं निर्वाचन, स्थानीय शासन एवं पंचायती राज, सामुदायिक विकास, लोकनीति, अधिकार सम्बन्धी मुद्दे (शिक्षा, रोजगार, विकास आदि), सुशासन (भ्रष्टाचार निवारण, लोकायुक्त, सिटीजन चार्टर, ई–गवर्नेस, सूचना का अधिकार, समाधान योजना आदि) और सम्बन्धित अन्य पहलू।

 

सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 

चतुर्थ प्रश्न पत्र 

  भारत एवं विश्व का भूगोल  

समयावधि – 03 घन्टे 
पूर्णांक – 200

विश्व का भूगोल- विविध शाखाएं पृथ्वी एवं सौरमण्डल, अक्षांश देशान्तर, समय, परिभ्रमण, परिक्रमण , महाद्वीप , पर्वत, पठार, मैदान, जलमंडल, झीले, वायुमंडल,आद्रता , महासागरीय नितल, ज्वार भाटा, कृषि , पशुपालन,  उधोग,जनसँख्या, जनजातियां, प्रवास, परिवहन, संचार, अन्तर्राष्ट्रीय सीमा रेखाएं, पर्यावरण एवं विश्व व्यापार (क्षेत्रीय आर्थिक गुट), भौगोलिक शब्दावली और संबंधित अन्य पहलू।

 भारत का भूगोल – भौगोलिक परिचय, उच्चावच एवं संरचना, जलवायु अपवाह प्रणाली, वनस्पति, जंतु , पशुपालन, मिट्टी, जल संसाधन, कृषि , पशुपालन,  उधोग,जनसँख्या, जनजातियां, प्रवास, परिवहन, संचार , अनुसूचित जाती एवं जनजातियाँ ,सामाजिक परिस्थितियां, अधिवास एवं प्रदूषण और संबंधित अन्य पहलू।

उत्तराखण्ड का भूगोल – भौगोलिक अवस्थिति, भू–आकृति एवं संरचना, जलवायु, जल प्रवाह तन्त्र, वनस्पति, सिंचाई, मुख्य नगर, पर्यटन स्थल, जनसंख्या, अनुसूचित जाति एवं जनजातिया, परिवहन तन्त्र, ऊर्जा संसाधन एवं औद्योगिक विकास, प्राकृतिक आपदाएं और संबंधित अन्य पहलू।

 

सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 

पंचम प्रश्न पत्र 

  आर्थिक एवं सामाजिक विकास 

समयावधि – 03 घन्टे 
पूर्णांक – 200

राष्ट्रीय –
1. आर्थिक नीति : भारत में आर्थिक सुधार, उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण।
2. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ डी0 आई), मुद्रास्फीति, समाहिक प्रगति, आर्थिक विकास बनाम पर्यावरणीय संरक्षण।
3. गरीबी और बेरोजगारी के उन्मूलन संबंधी कार्यकम मानव विकास सूचकांक (एच डी आई)।
4. जनगणना एवं भारत की जनसंख्या की मुख्य विशेषताएं। आर्थिक विकास और जनसंख्या। नगरीकरण से सम्बन्धित मुद्दे।
5. केन्द्रीय बजट की मुख्य विशेषताएं।
6. भारत की अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताएं।
7. भारत के प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन, व्यापार (वैदेशिक क्षेत्र), वाणिज्य, उद्योग, योजनाएं एवं परियोजनाएं तथा आर्थिक विकास की दिशा।
8. कर सुधार एवं बैंकिग व्यवसाय।
9. योजनागत विकास।
10. राष्ट्रीय विकास परिषद।
11. राष्ट्रीय आय।
12. भारतीय कृषि (कृषि उत्पादकता, पशुधन, हरित क्रान्ति, खाद्य सुरक्षा, खाद्यान्न मूल्य, बफर स्टाक, कृषि नीति, कृषि/बीज बीमा योजना)।
13. भारतीय वित्तीय/मुद्रा/पूजी/प्रतिभूति बाजार।
14. बीमा क्षेत्र, कर संरचना, लोक वित्तीय एवं राजकोषीय नीति।
15. अवधारणाएं (व्यावर्ती योजना, स्वीट शेयर, हवाला, गिल्ट एज बाजार, काला बाजार, काला धन इत्यादि)।
16. सम्बन्धित अन्य पहलू।

अंतर्राष्ट्रीय –
1. विश्व व्यापार संगठन (WTO), अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (BRD) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा निधि (IMF) विश्व बैंक (वर्ल्ड बैंक) दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (SAARC), दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN) दक्षिण एशियाई वरीयता व्यापार करार (SAPTA) ब्रिक्स (BRICS), ओपेक (OPEC) एवं अन्य क्षेत्रीय आर्थिक एवं वाणिज्यिक संगठन।
2. पूंजी का अंतर्राष्ट्रीय प्रवाह, मानव संसाधन और प्रौद्योगिकी।
3. विदेशी मुद्रा विनियम अधिनियम (FERA) प्रिवेंशन ऑफ मनी लैडरिंग एक्ट (PMLA)।
4. विश्व मानव सूचकांक।
5. पारिभाषिक शब्दावली।
6. सम्बन्धित अन्य पहलू।

उत्तराखण्ड –
अर्थव्यवस्था एवं बजट की मुख्य विशेषताएं प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन, व्यापार वाणिज्य, उद्योग, योजनाएं एवं परियोजनाएं कर/आर्थिक सुधार, योजनागत विकास, कृषि, पशुधन, खाद्यान्न सुरक्षा, लोकवित्त, राजकोषीय निति, जनगणना, मानव विकास सूचकांक, पर्यटन, जड़ी-बूटी एवं संस्कृति का आर्थिक विकास में योगदान और सम्बन्धित अन्य पहलू।

 

सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 

षष्टम प्रश्न पत्र 

   सामान्य विज्ञान एवं प्रौधोगिकी 

समयावधि – 03 घन्टे 
पूर्णांक – 200

भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी: इतिहास और योगदान, समसामयिकी, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान, पुरस्कार, खोज, अन्वेषण, विज्ञान कांग्रेस सम्मलेन, सौर प्रौद्योगिकी, मानव कल्याण, स्वास्थ और औषध के लिए नई प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग, पर्यावरणीय जागरूकता, प्राकृतिक जैव संसाधन इत्यादि।

राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं अनुसंधान विषयक अन्य संगठन- आईयूसीएन, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, आईपीसीसी, डब्ल्यूएचओ, यूनेस्को आदि।

सूचना प्रौद्योगिकी और दैनिक जीवन में कम्प्यूटरों का अनुप्रयोग, ई-गवर्नेन्स आदि।

पारिस्थिति और पर्यावरण – पर्यावास, सामुदायिक पर्यावरणीय प्रणाली, संरचनात्मक कार्य और अनुकूलन, वनस्पतियां एवं उनका वर्गीकरण, परम्परागत खेती, वाणिज्यिक कृषि एवं कृषि का वाणिज्यिकरण, कृषि फसलों का उत्पादन एवं उनका क्षेत्रीय वितरण ( राज्य, राष्ट्र एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर), कृषि समस्याएं, कृषिक विविधता इत्यादि।

प्राकृतिक संसाधन – मृदा, जल, वायु, वन, घासभूमि, आर्द्र भूमि, समुद्रीय, नवीनीकरण और गैर नवीनीय ऊर्जा संसाधनों की योजना और प्रबंधन।

जैव विविधता – जोखिम और संरक्षण, आचारनीति और उपयोग
पर्यावरणीय संकटः वायु, जल, मृदा और अंतरिक्ष प्रदूषणं, नियम और अधिनियम, भूमंडलीय
ऊष्मता।
भूमंडलीय जलवायु परिवर्तन–कारण और प्रभाव
सुदूर संवेदन की अवधारणा और जीआईएस अनुप्रयोग।
मौसम पूर्वानुमान।
स्प्रेडशीट (विस्तारण) का अनुप्रयोग और आधार आंकड़ों का अनुप्रयोग।

भौतिकी (फिजिकल) विज्ञान/जागरूकता – कम्प्यूटर और सूचना प्रक्रमण के सिद्धांत, साफ्टवेयर पैकेज, मौलिक कंप्यूटर संगठन, बूलियन बीजगणित, लॉजिक गेट्स, समस्या समाधान तकनीकें और कंप्यूटर भाषाएँ, व्यापारिक आंकड़ा प्रकमण, आंकड़ा सम्प्रेषण और कम्प्यूटर नेटवर्क और सुरक्षा, इंटरनेट और मल्टीमीडिया अनुप्रयोगों का उपयोग, क्लाउड कंप्यूटिंग, पीसी का अनुप्रयोग, सॉफ्टवेयर पैकेज साईबर अधिनियम के मूलभूत तत्व आदि।

पदार्थ और इसकी अवस्थाएं अम्ल, आधार रूप और लवण, तत्वों का उदगम और वितरण, भारी और हल्का पानी, सघन पानी, शुद्धिकरण, बैट्रियां, ईधन सैल, विनाषन, विखंडन और संलयन, समानता के तत्व, पोलिमर्स, कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, लिपिड हार्मोन्स, विटामिन, औषध और स्वास्थ्य देखभाल, डाईज, कॉस्मेटिक, खाद्य रसायन-विज्ञान आदि।

यांत्रिकी, पदार्थ की सामान्य विशेषताएं, तरंग गति, ध्वनि और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगे, ऊष्मा, प्रकाश।

चुम्बकत्व, विद्युत, परमाणु और नाभिकीय भौतिकी, खगोल विद्या और अंतरिक्ष भौतिकी, एक्स-रे और सेमीकडक्टर प्रौद्योगिकी आदि।

जीवन (Life) विज्ञान – शाखाएं, योगदान, प्राकृतिक संसाधन और उनका प्रबंधन।
जैव-विविधता, जैव-प्रौद्योगिकी, अतिसूक्ष्म प्रौद्योगिकी, जैव उत्पाद, टीके, प्रतिरक्षण, स्वास्थ्य देखभाल, अनुवांशिक रूप से आशोधित जीवधारी, भूमंडलीय ऊष्मता और जलवायु परिवर्तन, पशुपालन, पादप और मानव कल्याण इत्यादि।

वैज्ञानिक पारिभाषिक शब्दावली
उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधन और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन आदि में उनका योगदान इत्यादि।

 

सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम 

सप्तम प्रश्न पत्र 

   सामान्य अभिरुचि एवं आचार शास्त्र 

समयावधि – 03 घन्टे 
पूर्णांक – 200

सामान्य अभिरुचि –  120 अंक 

संख्याएं एवं उनका वर्गीकरण 
अनुपात व समानुपात 
प्रतिशत 
साधारण ब्याज व चक्रवृद्धी ब्याज 
कार्य एवं समय
सरल   रेखीय समीकरण 
समुच्चय , उप समुच्चय 
त्रिभुज, आयत , वर्ग,  वृत 
समान्तर माध्य , गुणोत्तर माध्य 
प्रायिकता 

आचार शास्त्र –    80 अंक 

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